कोलकाता: बंगाल में भाजपा की सरकार बनते ही कई बड़े फैंसले लिए जा रहे हैं। इसी तरह आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में महिला डॉक्टर से दुष्कर्म व हत्या मामले में भी फिर से जाँच शुरू कर दी गई है। इसी मामले के बाद विवादों में आए निलंबित डॉक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई है। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से भी डॉ. अभिक डे के खिलाफ कार्रवाई शुरू की गई है। जानकारी के मुताबिक डॉ. अभिक डे बर्दवान मेडिकल कॉलेज के रेडियोलॉजी विभाग में पूर्व रेजिडेंट मेडिकल अफसर रह चुके हैं और वर्तमान में कोलकाता स्थित आइपीजीएमईआर में जनरल सर्जरी के इन-सर्विस पीजी प्रशिक्षु हैं।
डॉ. डे सितंबर 2024 से निलंबित हैं। उन पर बंगाल सेवा (सीसीए) नियम, 1971 के तहत कार्रवाई की जा रही है। अधिसूचना में कहा गया है कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय कार्यवाही शुरू करने का निर्णय लिया गया है। राज्यपाल आरएन रवि ने भी इस कार्रवाई को मंजूरी दे दी है। सरकार ने डॉ. डे के सेवा कोटा के तहत पीजी कोर्स में दाखिले की अलग से जांच कराने का भी आदेश दिया है। आरजी कर मामले के बाद कई जूनियर डॉक्टरों ने डॉ. डे पर कई गंभीर आरोप लगाए जा रहे थे।