देहरादून: देश में 2024 लोकसभा चुनावों के नतीजों पर टीवी चैनलों व सोशल मीडिया में कई तरह की चर्चा चल रही है। एनडीए गठबंधन को पिछले साल 2019 के लोकसभा चुनावों से इस बार कम सीट आने पर मीडिया में कई थ्यूरी देखने को मिल रही है। अलग अलग कारणों को लेकर न्यूज चल रही है।
इस सब के चलते उत्तराखंड की तस्वीर सबसे हट कर है। सही मायने में देखा जाये तो 2024 के लोकसभा चुनावों में उत्तराखंड राज्य के अंदर पीएम मोदी की जबरदस्त लहर देखने को मिली। भाजपा ने मोदी लहर में तीसरी बार जीत की हैट्रिक लगाते हुए लोकसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल की। उत्तराखंड में कांग्रेस, भाजपा और बहुजन समाज पार्टी मुख्य राजनितिक पार्टियां रही। बसपा ने प्रदेश में तीसरी बड़ी राजनीतिक पार्टी के रूप में स्थापित कर लिया था। देखा जाये तो इस लोकसभा चुनाव में जनता ने आइएनडीआइ गठबंधन को पूरी तरह नकार दिया। उत्तराखंड के लोकसभा चुनावों में कांग्रेस को समाजवादी पार्टी, आम आदमी पार्टी और वामदलों का पूरा सहयोग रहा, इस के बावजूद कांग्रेस के सभी प्रत्याशी चुनाव हार गए।
उत्तराखंड प्रदेश में 2024 के लोकसभा चुनावों में आइएनडीआइ गठबंधन के अंतर्गत कांग्रेस को पांचों सीटें मिली थी। इन चुनावों के प्रचार के लिए आइएनडीआइ गठबंधन के लिए एक समन्वय समिति बनाई गई थी। जिसमें कांग्रेस की सहयोगी पार्टियों के बड़े नेता शामिल थे। समन्वय समिति में गठबंधन के सहयोग दलों को अपने प्रभाव वाले क्षेत्रों में कांग्रेस प्रत्याशियों के लिए प्रचार करने का जिम्मा सौंपा गया। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लहर के सामने सब धराशाही हो गया। भाजपा ने उत्तराखंड प्रदेश में लोकसभा की पांचों सीटों पर जीत हासिल कर ली।