चंडीगढ़: कोरोना के बाद अब दुनिया के कई देशों में एच5एन1 वायरस (एवियन इन्फ्लूएंजा) का खौफ तेजी से बढ़ता जा रहा है। भारत सरकार ने भी खतरे को देखते हुए जून महीने की शुरुआत में ही एच5एन1 वायरस को लेकर एडवाइजरी जारी कर दी है। एच5एन1 वायरस को आम भाषा में बर्ड फ्लू के नाम से भी जाना जाता है।
भारत सरकार ने एच5एन1 (एवियन इन्फ्लूएंजा) को लेकर एडवाइजरी जारी करते हुए चार राज्यों महाराष्ट्र, झारखंड, आंध्र प्रदेश और केरल को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी है। हाल ही में विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने मैक्सिको में बर्ड फ्लू के एच5एन2 स्ट्रेन से एक व्यक्ति के मारे जाने की सूचना दी है। बताया गया है कि मरने वाले व्यक्ति को बुखार, सांस लेने में तकलीफ और दस्त जैसे लक्षणों के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। विश्व स्वास्थ्य संगठन का मानना है कि एवियन इन्फ्लूएंजा नामक यह वायरस पिछली बार के कोरोना वायरस की तुलना से 100 गुना अधिक खतरनाक संक्रमण हो सकता है।
भारत सरकार के मुताबिक सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में पक्षियों या मुर्गियों की किसी भी असामान्य मृत्यु पर गंभीरता से नजर रखें जाने की जरूरत है। देश के सभी लोगों को इनके निकट संपर्क में आने से भी बचना अति जरूरी है।
सरकार द्वारा उठाये जा रहे कदमों के अलावा देश के सभी लोगों को भी सावधानियां रखनी होगी। वैसे तो देखा गया है कि बर्ड फ्लू के संक्रमण वाले व्यक्ति से दूसरे में फैलने का खतरा कम होता है। फिर भी सभी को सावधानी बरतते रहने की जरूरत होगी। स्वास्थ्य संबधी जानकारों के अनुसार पक्षियों, जंगली जानवरों और पशुओं के ज्यादा निकट संपर्क में आने से बचते हुए और अपने हाथों की स्वच्छता रखने से खतरे को कम किया जा सकता है। इसी के साथ वायरस से बचने के लिए मास्क का प्रयोग भी किया जा सकता है।