चंडीगढ़: अब पंजाब पुलिस राज्य में एआई (एआई) आधारित फेशियल रिकग्निशन तकनीक (एफआरटी) का प्रयोग करेगी। राज्य में अपराध को नियंत्रण करने के लिए पंजाब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस सिस्टम (पीएआईएस) के जरिए संदिग्ध व्यक्ति का चेहरा स्कैन किया जायेगा। इससे चेहरा स्कैन होते ही संदिग्ध व्यक्ति का पूरा आपराधिक रिकार्ड कुछ ही सेकंड में सामने आ रहा है।
जानकारी के मुताबिक पंजाब पुलिस अब तक इसी तकनीक की मदद से 150 से अधिक आरोपितों को मौके पर ही पहचान कर गिरफ्तार कर चुकी है। एडीजीपी एंटी गैंगस्टर टस्क फोर्स प्रमोद बान ने मीडिया को जानकारी देते बताया कि एफआरटी चेहरे के विशेष बिंदुओं (फेशियल फीचर्स) का मिलान कर डाटाबेस में मौजूद रिकार्ड से मिलान करता है। जैसे ही किसी व्यक्ति का चेहरा कैमरे के सामने आता है, सिस्टम उसे डिजिटल प्रोफाइल में बदलकर तुरंत मिलान करता है और मैच मिलने पर अलर्ट जारी करता है। इस सब के चलते व्यक्ति की पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी तरह रियल टाइम में हो गई।
यह भी पता चला हैं कि चेहरा स्कैन सिस्टम के जरिये अमृतसर, जालंधर,पटियाला, लुधियाना में चेकिंग के दौरान 150 के करीब आरोपितों को पकड़ा है। राज्य में तकनीक को ज्यादा मजबूत बनाने के लिए पंजाब पुलिस स्मार्ट ग्लास का परीक्षण भी कर रही है। इन ग्लास में लगे स्मार्ट कैमरे भीड़ में मौजूद संदिग्धों की पहचान कर लेंगे। भीड़ में मौजूद पुलिसकर्मी को तुरंत सूचना मिल जायेगी।