नई दिल्ली: भारत के मशहूर उद्योगपति रतन नवल टाटा के निधन के बाद देश में शोक लहर है। मशहूर उद्योगपति ने 86 साल के उम्र में अंतिम सांस ली। रतन टाटा को श्रद्धांजलि देने के लिए लोगों की भारी भीड़ उमड़ी दिखी। वहीं उनके श्रद्धांजलि कार्यक्रम के दौरान हिंदू पंडित, मुस्लिम इमाम, सिख गुरू और ईसाई पादरी भी मौजूद दिखे। विश्व विख्यात उद्योगपति रतन टाटा के जाने से लोगों में निराशा उनके परोपकारी प्रभाव और प्रेम का प्रतीक है। सभी धर्मों के गुरु या जानकारों का किसी एक इंसान को श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए एकत्रित होना आम तौर पर दुर्लभ है। रतन टाटा के पार्थिव शरीर को महाराष्ट्र पुलिस के जवानों ने तिरंगे से ढका और सलामी दी। रतन टाटा का अंतिम संस्कार अहनावेति विधि से होगा। इससे पहले गेह सारनू पढ़ा जाएगा। इसके बाद अग्निदाह किया जाएगा।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की तमाम औद्योगिक हस्तियों ने भी शोक जताया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने कहा कि पद्म विभूषण और पद्म भूषण से सम्मानित रतन टाटा के दुखद निधन से भारत ने एक ऐसे प्रतीक को खो दिया है। पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि रतन टाटा दूरदर्शी कारोबारी नेता, एक दयालु आत्मा और एक असाधारण इंसान थे। उन्होंने भारत के सबसे पुराने और सबसे प्रतिष्ठित व्यापारिक घरानों में से एक को स्थिर नेतृत्व प्रदान किया। वह शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल, स्वच्छता, पशु कल्याण जैसे कुछ मुद्दों का समर्थन करने में सबसे आगे थे।
वर्ली श्मशान घाट में गृह मंत्री अमित शाह ने रतन टाटा को श्रद्धांजलि दी। इस दौरान केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, गुजरात के सीएम भूपेन्द्र पटेल और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने भी दिग्ग्ज उद्योगपति को नमन किया। इस अवसर पर देश के कई राजनेता और उद्योग जगत, फिल्म जगत की हस्तियां मौजूद रही। राहुल गांधी ने कहा कि रतन टाटा दूरदृष्टि वाले व्यक्ति थे। उन्होंने व्यापार और परोपकार दोनों पर अमिट छाप छोड़ी है। मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और टाटा समूह के साथ हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बुधवार को रतन टाटा के निधन पर शोक व्यक्त किया। खरगे ने कहा कि उनके निधन से हमने भारत का एक अनमोल सपूत खो दिया है।