चंडीगढ़: चंडीगढ़ शहर को नशा मुक्त करने और जनसुरक्षा बढ़ाने के लिए प्रशासन ने साल 2026 का रोडमैप तैयार कर लिया हैं। इस बारे में एसएसपी कंवरदीप कौर ने मीडिया को बताया कि आने वाले समय में कानून-व्यवस्था को और प्रभावी बनाने के लिए बहुआयामी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने यह भी जानकारी देते कहा कि पुलिस का प्रमुख लक्ष्य नए आपराधिक कानूनों भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) और भारतीय साक्ष्य अधिनियम (बीएसए) के तहत दर्ज मामलों में उच्च सजा दर हासिल करना है। इसके लिए सभी मामलों की समयबद्ध और केंद्रित जांच की जाएगी।
खुफिया सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई तेज की जाएगी, नशे के नेटवर्क और संगठित गिरोहों को तोड़ा जाएगा तथा बार-बार अपराध करने वालों पर सख्त शिकंजा कसा जाएगा। ड्रग तस्करी, नशा बेचने और नशे के दुरुपयोग के खिलाफ जीरो टाॅलरेंस नीति अपनाई जाएगी। इसके तहत पड़ोसी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और केंद्रीय एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाकर अंतरराज्यीय नशा नेटवर्क पर भी रोक लगाने की योजना है।
इस सबके चलते जांच की गुणवत्ता और कानूनी अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा नियमित निगरानी की जाएगी। जांच की गुणवत्ता को यकीनी बनाने के लिए जांच अधिकारियों को नए कानूनों, साक्ष्य संकलन और कोर्ट प्रक्रिया को लेकर विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। एसएसपी ने यह भी बताया कि आदतन और संगठित अपराधियों पर भी विशेष नजर रखी जाएगी। हस्ट्रीशीटरों की नियमित समीक्षा, आपराधिक डोजियर अपडेट करना, कानूनी प्रावधानों के तहत निवारक कार्रवाई और तकनीक व डाटा एनालिटिक्स के जरिए अपराधियों की गतिविधियों पर नजर इस रणनीति का हिस्सा होगा।